Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-:धर्मशाला और मैक्लोडगंज की पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के प्रवास की अहम भूमिका सामने आती है। दलाई लामा के प्रवास और उनकी शिक्षाओं व दर्शनों के लिए देश-विदेश से आने वाले अनुयायियों के कारण मैक्लोडगंज सहित आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन कारोबार में तेजी देखने को मिलती है। होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन स्मार्ट सिटी धर्मशाला-मैक्लोडगंज के अध्यक्ष राहुल धीमान ने यह जानकारी दी।
राहुल धीमान के अनुसार, दलाई लामा के मैक्लोडगंज में प्रवास के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग धर्मशाला पहुंचते हैं। खासतौर पर दक्षिण भारत, दिल्ली, लेह-लद्दाख और अन्य राज्यों से अनुयायी यहां पहुंचकर दलाई लामा के दर्शनों और शिक्षाओं में शामिल होते हैं। इसके अलावा विदेशी पर्यटकों और अनुयायियों की मौजूदगी भी पर्यटन कारोबार को गति देती है।उन्होंने बताया कि दलाई लामा के प्रवास का सीधा असर होटल कारोबार पर दिखाई देता है। उनके यहां रहने के दौरान धर्मशाला-मैक्लोडगंज और आसपास के क्षेत्रों में होटलों की ऑक्यूपेंसी में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। कारोबारियों के अनुसार यह ऑक्यूपेंसी करीब 50 से 70 फीसदी तक पहुंच जाती है। इसका लाभ होटल और रेस्टोरेंट के साथ-साथ टैक्सी, स्थानीय बाजार और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबारियों को भी मिलता है।राहुल धीमान ने कहा कि नवंबर में दलाई लामा की प्रस्तावित ऑडियंस को लेकर भी पर्यटन कारोबारियों में उत्साह है। उन्हें उम्मीद है कि इस दौरान देश के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में अनुयायी धर्मशाला पहुंच सकते हैं।उन्होंने कहा कि दलाई लामा की मौजूदगी ने धर्मशाला-मैक्लोडगंज की पर्यटन पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उनके प्रवास के दौरान बढ़ने वाली पर्यटक गतिविधियां स्थानीय कारोबार के लिए अहम साबित होती हैं।