Summer express/बिलासपुर, सुभाष- हिमाचल प्रदेश में सीमेंट के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। सीमेंट के प्रति बैग 10 रुपये महंगे होने के बाद इसकी कीमत 410 रुपये से बढ़कर 420 रुपये हो गई है। निर्माण सामग्री की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच इस बढ़ोतरी का सीधा असर मकान निर्माण के बजट पर पड़ने की आशंका है।स्थानीय निवासी सुरेंद्र गुप्ता ने सीमेंट की कीमतों में हुई वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन से प्रदेशवासियों को रियायती दरों पर सीमेंट उपलब्ध करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ रही निर्माण लागत का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है।
सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि हिमाचल में सीमेंट उद्योग को प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय परिस्थितियों का लाभ मिलता है, लेकिन प्रदेश के आम लोगों को इसका पर्याप्त फायदा नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सीमेंट उद्योग से होने वाले आर्थिक लाभ में प्रदेश की जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।उन्होंने सीमेंट कंपनियों के भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कों को होने वाले नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि भारी ट्रकों के लगातार आवागमन से कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं, जिससे यातायात और सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं। साथ ही सड़क किनारे रहने वाले लोगों को धूल और प्रदूषण के कारण मकानों की सफेदी व मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है।गुप्ता ने सरकार से मांग की कि इस समस्या के समाधान के लिए विशेष काउंसिल या अन्य प्रभावी व्यवस्था गठित की जाए। इससे प्रदेशवासियों को रियायती दरों पर सीमेंट उपलब्ध कराने और मकान निर्माण का खर्च कम करने में मदद मिल सकती है।