Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-:हिमाचल प्रदेश में बेसबॉल को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने और नई खेल प्रतिभाओं को मंच देने की कवायद तेज हो गई है। हिमाचल प्रदेश बेसबॉल संघ की नई कार्यकारिणी ने कांगड़ा से प्रदेश में बेसबॉल के विस्तार की शुरुआत करने का फैसला लिया है। संघ की ओर से कांगड़ा जिले में जल्द राज्य स्तरीय या राष्ट्रीय स्तर की बेसबॉल प्रतियोगिता आयोजित करवाने की तैयारी की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश बेसबॉल संघ के नवनियुक्त पदाधिकारी एवं सेवानिवृत्त बीडीओ राजीव सूद ने बताया कि भारत में बेसबॉल की शुरुआत वर्ष 1983 में हुई थी, जबकि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 1985 से बेसबॉल संघ सक्रिय है। बीते चार दशकों में हिमाचल की टीमें जूनियर, सब-जूनियर, सीनियर और लिटल लीग समेत विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रही हैं। प्रदेश के कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।संघ के अनुसार हिमाचल प्रदेश में अब तक करीब 18 राष्ट्रीय स्तर की बेसबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा चुकी हैं। हालांकि प्रदेश के कई जिलों में यह खेल अभी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में अब प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा से बेसबॉल को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।
राजीव सूद के मुताबिक कांगड़ा में खेलों के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा होने के साथ-साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भी कमी नहीं है। संघ का लक्ष्य कांगड़ा के बाद ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, मंडी और कुल्लू सहित अन्य जिलों में भी बेसबॉल को बढ़ावा देना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।उन्होंने बताया कि नई कार्यकारिणी का कार्यकाल चार वर्ष का होगा। जल्द ही जनरल हाउस की बैठक आयोजित कर प्रदेश में बेसबॉल के विस्तार और प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी। कांगड़ा में राज्य या संभव होने पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता करवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए प्रायोजकों से सहयोग लेने की योजना भी बनाई जा रही है।राजीव सूद ने बताया कि बेसबॉल संघ ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध है और हिमाचल प्रदेश में वर्ष 1987 से खेल विभाग के साथ पंजीकृत है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करने वाले खिलाड़ी प्रदेश की खेल नीति के तहत मिलने वाली सुविधाओं के लिए पात्र होंगे।