Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-: भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर धर्मशाला में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान कांगड़ा एवं चंबा जिले के वरिष्ठ महाप्रबंधक डॉ. विपिन कुमार मौर्या ने BSNL की ओर से दोनों जिलों में दूरसंचार और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार को लेकर किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर संचार सुविधाएं पहुंचाना BSNL की प्राथमिकताओं में शामिल है।डॉ. मौर्या ने बताया कि कांगड़ा और चंबा में 4G नेटवर्क के विस्तार के लिए पिछले दो वर्षों से दो प्रमुख परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें डिजिटल भारत निधि के तहत संचालित ‘सैचुरेशन प्रोजेक्ट’ और BSNL का ‘फेज-9.2’ प्रोजेक्ट शामिल है। इसके अलावा अमेंडेड भारतनेट कार्यक्रम के चरण-3 के तहत धर्मशाला व्यवसायिक क्षेत्र को भी इसमें शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि कांगड़ा और चंबा के संबंधित ब्लॉकों में भारतनेट के तहत फाइबर नेटवर्क बिछाने का कार्य जारी है। कांगड़ा में 15 और चंबा में 6 ब्लॉकों में इस दिशा में काम किया जा रहा है, जबकि पांगी को अलग व्यवसायिक क्षेत्र के रूप में रखा गया है। अब तक दोनों जिलों की करीब 300 पंचायतों को फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है।वरिष्ठ महाप्रबंधक ने कहा कि फाइबर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। तेज इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीण आबादी घर बैठे ई-बैंकिंग, ई-शिक्षा, ई-हेल्थ और विभिन्न सरकारी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेगी। आधार कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र समेत कई जरूरी दस्तावेजों और सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी लोगों को मिल सकेगी।मणिमहेश यात्रा के दौरान धनछो तक पहुंचाया नेटवर्कमणिमहेश यात्रा के दौरान BSNL की तैयारियों की जानकारी देते हुए डॉ. मौर्या ने बताया कि इस वर्ष BSNL की टीम ने करीब डेढ़ महीने तक धनछो में कैंपिंग कर नेटवर्क सेवाओं को मजबूत किया। हड़सर में टावर को रेडिएट करवाने के साथ धनछो में भी नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराई गई।उन्होंने बताया कि धनछो से मिलने वाला BSNL सिग्नल गौरीकुंड से आगे तक पहुंच रहा था। इससे यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं को अपने परिवार और परिजनों से संपर्क बनाए रखने में सुविधा मिली। यात्रा के दौरान स्थापित की गई नेटवर्क सुविधा को बाद में भी अन्य उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध रखा गया।
स्वदेशी तकनीक से तैयार 4G नेटवर्क पर जोर
डॉ. मौर्या ने कहा कि BSNL के 4G नेटवर्क में भारत में विकसित तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक के विकास से देश की तकनीकी क्षमता मजबूत हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत अपनी दूरसंचार तकनीक को अन्य देशों तक पहुंचाने की दिशा में भी आगे बढ़ेगा।उन्होंने उपभोक्ताओं से BSNL की स्वदेशी तकनीक और सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। साथ ही कहा कि उपभोक्ताओं से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर नेटवर्क और सेवाओं में लगातार सुधार किया जाएगा।