16 July, 2025
श्रावण माह का पावन अवसर शक्तिपीठों की विशेष शोभा को और भी अधिक दिव्यता प्रदान करता है। ऐसे ही एक शक्तिपीठ—हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना स्थित माँ चिंतपूर्णी मंदिर—में इन दिनों अद्भुत धार्मिक वातावरण और अनुपम सजावट का नजारा देखने को मिल रहा है।
देश-विदेश से उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावण माह में माँ चिंतपूर्णी के दर्शनों के लिए देश ही नहीं, विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ यहाँ पहुंच रहे हैं। श्रावण की संक्रांति के अवसर पर मंदिर परिसर का दृश्य और भी भव्य हो उठा है।
वरुण बजाज ने करवाई मनमोहक फूलों की सजावट
जालंधर से आए श्रद्धालु वरुण बजाज ने इस शुभ अवसर पर माँ के दरबार को देसी और विदेशी फूलों से सजवाया है। यह सजावट न सिर्फ देखने में अत्यंत सुंदर है, बल्कि श्रद्धालुओं के मन को आध्यात्मिक शांति और भक्ति से भी भर देती है। मंदिर की इस भव्य साज-सज्जा ने हर किसी का ध्यान आकर्षित किया है।
25 जुलाई से 3 अगस्त तक श्रावण मेला
हर वर्ष की तरह इस बार भी 25 जुलाई से 3 अगस्त तक श्रावण मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष प्रबंध किए हैं—जैसे जलपान, सुरक्षा, चिकित्सा सेवा और लाइन प्रबंधन।
श्रद्धा और आस्था का प्रतीक
चिंतपूर्णी मंदिर में आस्था की भावना इतनी गहरी है कि श्रावण माह में यहाँ आकर श्रद्धालु अपनी सभी चिंताओं को माँ के चरणों में अर्पित कर देते हैं। माँ की कृपा से उन्हें मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। वरुण बजाज द्वारा की गई फूलों की सजावट इस आस्था को और भी विशेष आयाम दे रही है।