Summer express, मोनिका रावत पंचकूला | आनलाइन शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 81 वर्षीय बुजुर्ग से 95 लाख 21 हजार रुपये की साइबर मामले में पुलिस ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान विक्रम उर्फ विक्की निवासी कैथल के तौर पर हुई है। उसे सेक्टर-20 साइबर थाना की टीम ने पकड़ा है। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 15 लाख रुपये आरोपित के बैंक खाते में आए थे। आरोपित को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार यह मामला सेक्टर-6 पंचकूला निवासी 81 वर्षीय सेवानिवृत बुजुर्ग से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे वाट्सएप के माध्यम से आनलाइन शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया गया। आरोपितों ने उसे एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफार्म से जोड़कर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवानी शुरू कर दी। शुरुआत में आरोपितों ने उसके खाते में मुनाफे की रकम वापस भेजी, जिससे उसका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद अधिक मुनाफे का लालच देकर शिकायतकर्ता और उसकी पुत्रवधू के खातों से कुल 95,21,560 रुपये अलग-अलग खातों में जमा करवा लिए गए।
जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपितों ने उससे और पैसे जमा करवाने की मांग की। इसके बाद शिकायतकर्ता को अपने साथ हुए साइबर फ्राड का पता चला और उसने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर थाना साइबर अपराध सेक्टर-20 पंचकूला में 8 अक्टूबर 2025 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि शिकायतकर्ता से फ्राड की गई रकम की 15 लाख रुपये 6 सितंबर 2025 को आरोपित विक्रम उर्फ विक्की के बैंक खाते में पहुंचे थे। वहीं पुलिस ने मामले में 54 लाख रुपये रिकवर कर पीड़ित को वापस भी दिलवाए हैं।
चार आरोपित पहले गिरफ्तार
इस मामले में गुरदीप सिंह उर्फ दीपू डाबला निवासी हिसार, मनजीत सिंह निवासी हिसार, मानशवी ढोचक निवासी सोनीपत, और अनूप कुमार निवासी दिल्ली को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि साइबर फ्राड के मामलों में पंचकूला पुलिस का जोर आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पीड़ितों की ठगी गई रकम वापस दिलवाने पर भी है। इस मामले में शिकायतकर्ता को अब तक 54 लाख रुपये वापस दिलवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा फ्रॉड की शेष रकम की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क का पता लगाकर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।