{हर जिले में नया वन्यजीव पर्यटन स्थल विकसित होगा, कॉर्बेट-राजाजी में विशेष टाइगर सुरक्षा बल बनाने की तैयारी
एजेंसी। देहरादून
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना सरकार की प्राथमिकता बताया है। उन्होंने वन्यजीव सप्ताह-2026 के उद्घाटन के दौरान जंगलों की सुरक्षा के साथ वन्यजीवों के पारंपरिक आवागमन मार्ग खुले रखने और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने वन्यजीव संघर्ष के दौरान साहस दिखाने वाले 18 लोगों को सम्मानित किया और प्रत्येक को 51 हजार रुपये देने की घोषणा की।
धामी ने वन विभाग को हर जिले में कम से कम एक नए पर्यटन स्थल की पहचान करने और प्राकृतिक स्वरूप बनाए रखते हुए वहां सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। सरकार इको-टूरिज्म, होमस्टे और वन्यजीव पर्यटन के जरिए जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों की आय बढ़ाने पर जोर दे रही है। एक लाख युवाओं को ‘सीएम यंग ईको-प्रिन्योर’ बनाने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसमें नेचर गाइड, ड्रोन पायलट और वन्यजीव फोटोग्राफी जैसे क्षेत्रों को रोजगार से जोड़ने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों के पुनर्स्थापन की परियोजना का दूसरा चरण जल्द शुरू होगा। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिम तेंदुआ पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। इससे संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।
सरकार ने कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में विशेष टाइगर सुरक्षा बल गठित करने की दिशा में निर्णय लिया है। राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों में निगरानी और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत की जा रही है। जनवरी 2026 में राज्य वन्यजीव बोर्ड ने संवेदनशील क्षेत्रों में डिजिटल निगरानी, अर्ली वार्निंग सिस्टम, सोलर और अन्य सुरक्षात्मक उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए थे।