समर न्यूज | चंडीगढ़
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ की जालंधर में हुई मुलाकात ने पार्टी के भीतर जाखड़ की भूमिका को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। 30 सितंबर को भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम में जाखड़ मंच पर मौजूद थे। भाषण समाप्त करने के बाद शाह उनके पास पहुंचे, हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की।
इस घटनाक्रम को पार्टी की राजनीति में जाखड़ के महत्व के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, भाजपा की ओर से जाखड़ को कोई नई जिम्मेदारी दिए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। जाखड़ मई 2026 तक पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसके बाद केवाल सिंह ढिल्लों ने प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला। पद छोड़ते समय जाखड़ ने कहा था कि पंजाब और पार्टी से उनका संबंध किसी पद तक सीमित नहीं है और वह संगठन के लिए काम करते रहेंगे। जालंधर कार्यक्रम में ढिल्लों और जाखड़ समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
{जालंधर में बड़ी मौजूदगी: अमित शाह का कार्यक्रम भाजपा की 13 दिन चली ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन के मौके पर हुआ। पार्टी के अनुसार चार यात्राओं ने राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर करते हुए करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की। शाह ने रैली में 2027 के विधानसभा चुनाव में नशामुक्त पंजाब को भाजपा के प्रमुख मुद्दों में रखने की बात कही और सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 तक नशे के कारोबार को खत्म करने का लक्ष्य रखा।
{नई जिम्मेदारी पर कोई घोषणा नहीं: शाह द्वारा जाखड़ से सार्वजनिक रूप से मिलकर बातचीत किए जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ रिपोर्टों में इसे संभावित बड़ी भूमिका से जोड़कर देखा गया है, जबकि फिलहाल जाखड़ के लिए किसी नए पद या जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में उनकी भविष्य की भूमिका पर तस्वीर पार्टी के औपचारिक निर्णय के बाद ही
साफ होगी।
{शाह की रैली में हरभजन की मौजूदगी चर्चा में: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जालंधर रैली में पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह की मौजूदगी चर्चा में रही। हरभजन सिंह ने शाह के साथ मंच साझा किया। उनके साथ राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मंच पर मौजूद थे। हरभजन ने इस साल आम आदमी पार्टी से अलग होकर भाजपा का दामन थामा था। हरभजन सिंह ने भी रैली के बाद नशे के खिलाफ जागरूकता को जरूरी बताया और कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के प्रयासों में लोगों की भागीदारी अहम है। हरभजन की शाह के साथ मंच पर मौजूदगी को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। भाजपा की चार ‘नशामुक्त पंजाब यात्राएं’ राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर करीब चार हजार किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद जालंधर में समाप्त हुईं। हालांकि, पार्टी ने हरभजन को चुनाव से जुड़ी कोई विशेष नई जिम्मेदारी देने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।