जेब से मिला सुसाइड नोट, ठेकेदार और सुपरवाइजर पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप; परिवार को भूखे सोने की नौबत का दावा
Summer express/मंडी, धर्मवीर -श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक में आउटसोर्स के माध्यम से सेवाएं दे रहे एक वार्ड बॉय ने कथित तौर पर नौकरी से हटाए जाने के तनाव में अधिक मात्रा में दवाइयां निगलकर आत्महत्या का प्रयास किया। तबीयत बिगड़ने के बाद कर्मचारी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।आत्महत्या का प्रयास करने वाले कर्मचारी की पहचान बलवंत सिंह निवासी घींऊधार, रिवालसर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बलवंत सिंह भंगरोटू में किराये के मकान में रहकर मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स कर्मचारी के तौर पर वार्ड बॉय की सेवाएं दे रहा था।
पुलिस के अनुसार सोमवार शाम बलवंत सिंह ने कथित तौर पर अचानक अधिक मात्रा में दवाइयों का सेवन कर लिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बलवंत ने इसकी जानकारी अपनी पत्नी को दी, जिसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने तत्काल उसका उपचार शुरू किया।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को कर्मचारी की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें कथित तौर पर नौकरी से हटाए जाने और उससे जुड़े तनाव का उल्लेख किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स के माध्यम से सेवाएं दे रहे करीब 13 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया है।मीडिया को दिए बयान में बलवंत सिंह ने संबंधित आउटसोर्स कंपनी के ठेकेदार और सुपरवाइजर पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पिछले करीब एक महीने से उसे परेशान किया जा रहा था। नौकरी जाने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है और परिवार को भूखे सोने तक की नौबत आ गई है। बलवंत ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखने के बावजूद उसकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।वहीं, एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मिली है। मामले की नियमानुसार जांच की जा रही है। पुलिस सुसाइड नोट समेत अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।