summer express,चंडीगढ़ (अंकुर कपूर) | हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से बुधवार को राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जातीय गणना को शामिल करने की मांग की गई। कांग्रेस ने कहा कि मौजूदा जनगणना प्रक्रिया में ओबीसी की जातीय गणना के लिए अलग से कोई कॉलम नहीं रखा गया है, इसलिए इसे तत्काल शामिल किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ा जाए और जातियों की गणना वैज्ञानिक तरीके से कराई जाए। इसके लिए सभी जातियों का एक वैज्ञानिक कास्ट कोड निर्धारित करने तथा विशेषज्ञों की समिति गठित कर प्रश्नावली तैयार करने की मांग भी की गई है। कांग्रेस के अनुसार इस प्रश्नावली को जनगणना के प्रारूप में शामिल किया जाना चाहिए।
पार्टी ने कहा कि ओबीसी की वास्तविक संख्या और सामाजिक स्थिति से जुड़े प्रमाणिक आंकड़े सामने आने के बाद ही सामाजिक न्याय से संबंधित नीतियों को प्रभावी तरीके से तैयार किया जा सकेगा। कांग्रेस के मुताबिक प्रश्नावली में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी समेत विभिन्न पहलुओं से जुड़ी जानकारी शामिल होनी चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि ओबीसी की जातीय जनगणना का मुद्दा राहुल गांधी ने संसद में प्रमुखता से उठाया था और इसे लागू कराने की बात कही थी। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने ओबीसी जनगणना कराने की घोषणा तो की, लेकिन 14 अगस्त को जारी अधिसूचना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं दिया गया है। कांग्रेस ने दावा किया कि फॉर्म के 10वें बिंदु पर एससी/एसटी और कास्ट का उल्लेख होने से स्थिति स्पष्ट नहीं होती।
प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि वह जनगणना को इस स्वरूप में स्वीकार नहीं करती। पार्टी ने मांग की कि ओबीसी जातीय जनगणना के लिए अलग कॉलम तत्काल जोड़ा जाए। साथ ही हरियाणा में एक ही जाति के अलग-अलग प्रचलित नामों को एक वैज्ञानिक कोड के तहत शामिल कर सही और व्यवस्थित जातीय आंकड़े जुटाए जाएं।