Summer express/शिमला-: दीपावली पर्व को देखते हुए जिला शिमला में पटाखों की बिक्री, भंडारण और परिवहन को लेकर प्रशासन ने सख्ती बरतने की तैयारी कर ली है। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बुधवार को संबंधित विभागों, पटाखा विक्रेताओं और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने स्पष्ट किया कि जिले में पटाखों की बिक्री और भंडारण केवल वैध लाइसेंस प्राप्त स्थानों से ही किया जा सकेगा। बिना लाइसेंस दुकान, सड़क किनारे स्टॉल, वाहन या किसी अन्य अनधिकृत स्थान से पटाखे बेचने अथवा रखने की अनुमति नहीं होगी। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि पटाखों की खरीद केवल लाइसेंस प्राप्त निर्माता या अधिकृत आपूर्तिकर्ता से ही की जाए। विक्रेताओं को खरीद की रसीद और आपूर्तिकर्ता से संबंधित लाइसेंस का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। विदेशी मूल या तस्करी के माध्यम से लाए गए पटाखों की बिक्री एवं भंडारण पर भी रोक रहेगी।
निर्धारित मात्रा से अधिक स्टॉक नहीं
पटाखा विक्रेताओं को अपने लाइसेंस में निर्धारित मात्रा से अधिक पटाखे रखने की अनुमति नहीं होगी। संबंधित परिसर में अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था, रेत और पानी की उपलब्धता तथा आपातकालीन मार्ग खुले रखना अनिवार्य होगा। दुकान में सुरक्षित विद्युत वायरिंग और स्वतंत्र प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।पटाखों की दुकानों के आसपास धूम्रपान, माचिस, मोमबत्ती, दीपक अथवा किसी भी प्रकार की खुली आग या अन्य ज्वलन स्रोत का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पटाखे उनकी मूल और स्वीकृत पैकिंग में ही रखे और बेचे जाएंगे। क्षतिग्रस्त अथवा खराब पैकेटों को सुरक्षित तरीके से अलग किया जाएगा।
प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर रोक
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल अधिकृत पटाखों की बिक्री की जाएगी। निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज करने वाले पटाखों की बिक्री नहीं की जा सकेगी। विक्रेताओं को पटाखों की खरीद, बिक्री और शेष स्टॉक का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा तथा निरीक्षण के दौरान इसे संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।लाइसेंस को दुकान में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना भी अनिवार्य होगा। अस्थायी दुकानों के लिए अलग से सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लेनी होगी। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें पटाखों के भंडारण क्षेत्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।उपायुक्त ने कहा कि आग, विस्फोट या स्टॉक से जुड़ी किसी गंभीर घटना की स्थिति में पुलिस और संबंधित प्राधिकरण को तत्काल सूचना देना आवश्यक होगा। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और हितधारक मौजूद रहे।