Summer express, अनिल मंगला , फरीदाबाद। त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के मद्देनजर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, हरियाणा का खाद्य सुरक्षा विभाग सतर्क हो गया है। उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए फरीदाबाद में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार के नेतृत्व में विभिन्न खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। विभाग ने इस माह पनीर, मावा, कुट्टू का आटा, केले, नमकीन और मिठाइयों समेत 30 से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
विभाग की ओर से खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण करने और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
धौज में 300 किलो पनीर करवाया नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के तहत इस माह फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में करीब 300 किलोग्राम पनीर को अस्वास्थ्यकर पाए जाने के आधार पर मौके पर ही नष्ट करवाया जा चुका है। त्योहारों के दौरान दूध से बने उत्पादों की खपत बढ़ने के कारण विभाग पनीर, मावा, घी और मिठाइयों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रहा है।
खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री की स्थिति, साफ-सफाई, भंडारण व्यवस्था और खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाने के उपायों की जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा कारोबारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे खाद्य सामग्री को धूल, गंदगी, कीटों और अन्य दूषण के स्रोतों से सुरक्षित रखें।
मिठाइयों के साथ प्रदर्शित करनी होगी पूरी जानकारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार ने मिठाई विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे प्रत्येक मिठाई के साथ उसकी जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें। इसके लिए मिठाई के सामने एक प्लेट लगाकर उस पर मिठाई का नाम, कीमत और इस्तेमाल की गई सामग्री से संबंधित जानकारी लिखनी होगी।
मिठाई देसी घी, वनस्पति या खाद्य तेल में तैयार की गई है, इसकी जानकारी भी ग्राहकों को स्पष्ट रूप से उपलब्ध करानी होगी। विभाग का जोर है कि उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री के बारे में जानकारी मिल सके।
इसके अलावा खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य सामग्री के उचित रखरखाव और निर्धारित नियमों के अनुसार बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पैक किए गए खाद्य उत्पादों पर आवश्यक लेबल, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और अन्य जरूरी विवरणों का उल्लेख भी सुनिश्चित करना होगा।
लैब रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए सैंपलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है। इनमें पनीर, मावा, कुट्टू का आटा, केले, नमकीन और मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन का आकलन किया जाएगा। यदि किसी सैंपल में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित मामले में खाद्य सुरक्षा कानून के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण और सैंपलिंग का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच करना और खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप काम करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
उपभोक्ता भी खाद्य सामग्री खरीदते समय रहें सतर्क
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से भी त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है। पैक किए गए उत्पाद खरीदने से पहले उनकी निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, लेबल और पैकेजिंग की स्थिति की जांच करनी चाहिए। वहीं, खुली मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी स्वच्छता और रखरखाव पर ध्यान देना जरूरी है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर उपभोक्ता संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी सूचना दे सकते हैं, ताकि शिकायत की जांच की जा सके।
खाद्य सुरक्षा के लिए विभाग की निगरानी जारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार ने खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण को प्राथमिकता दें। उन्होंने कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी लागू नियमों का पालन करने पर जोर दिया।
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि त्योहारों के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी और सैंपलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को सुरक्षित और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना है।