Summer express, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना आतंकवादी संगठनों के साथ मिलकर घुसपैठ बढ़ाने की रणनीति पर काम कर सकते हैं। इसके लिए बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) का इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी जताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में आईएसआई के नेतृत्व में बदलाव के बाद सीमा पर सुरक्षा चुनौतियां बढ़ने की आशंका है। मेजर जनरल मुहम्मद शमरेज खान को आईएसआई का नया प्रमुख नियुक्त किए जाने के बाद उनकी भूमिका और पाकिस्तान की भावी रणनीति पर नजर रखी जा रही है।
बॉर्डर एक्शन टीम में पाकिस्तानी सेना के जवानों और आतंकवादियों के शामिल होने की बात कही जाती है। ऐसी टीमों के जरिए नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और घुसपैठ के लिए परिस्थितियां तैयार करने की आशंका रहती है। इस कारण सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घुसपैठ पर अंकुश लगाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। नियंत्रण रेखा के संवेदनशील इलाकों में निगरानी, खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान और समय रहते कार्रवाई घुसपैठ रोकने के लिहाज से अहम माने जाते हैं।
हालांकि, बॉर्डर एक्शन टीम की कथित तैनाती और घुसपैठ बढ़ाने की योजना से संबंधित दावों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।