Summer express, अनुज पंचाल, फरीदाबाद। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का असर फरीदाबाद में भी दिखाई देने लगा है। शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, करीब 40 से 45 फीडर बंद पड़े हैं। कर्मचारियों ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए समानांतर लाइसेंस देने की प्रक्रिया का विरोध करते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के फरीदाबाद सर्कल सचिव लेखराज चौधरी ने बताया कि प्रदेशभर में कर्मचारी मोर्चा के बैनर तले हड़ताल कर रहे हैं। उनके अनुसार, इस आंदोलन में लगभग 11 से 12 हजार कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। इनमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर कनिष्ठ अभियंता, उपमंडल अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की 15 सूत्री मांगों में जोखिम भत्ता और कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसी मांगें प्रमुख हैं।
लेखराज चौधरी के मुताबिक, कर्मचारियों की मांगों को लेकर पहले भी बिजली मंत्री अनिल विज के साथ कई दौर की बातचीत हुई थी। उन्होंने दावा किया कि अगस्त में हुई वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री के आश्वासन पर बिजली मंत्री ने मांगों का दो महीने में समाधान करने का भरोसा दिया था। साथ ही गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए समानांतर लाइसेंस देने की प्रक्रिया रोकने का आश्वासन भी दिया गया था।
मोर्चा के पदाधिकारियों का आरोप है कि 19 अक्टूबर को 1,342 पृष्ठों का समानांतर लाइसेंस संबंधी मसौदा जारी कर सरकार ने अपने आश्वासन से पीछे हटने का संकेत दिया। इसके बाद कर्मचारियों में रोष बढ़ गया और आपात बैठक में हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया गया। चौधरी ने कहा कि कर्मचारियों की घोषित हड़ताल पहले दिसंबर की 1, 2 और 3 तारीख को प्रस्तावित थी, लेकिन मसौदा जारी होने के बाद विरोध में तत्काल आंदोलन शुरू किया गया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गुरुग्राम और नूंह में निजी वितरण व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया वापस नहीं ली गई और कर्मचारियों की 15 सूत्री मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल तक बढ़ाया जा सकता है। मोर्चा की प्रमुख मांग है कि समानांतर लाइसेंस की प्रक्रिया रद्द की जाए और कर्मचारियों की लंबित मांगों पर कार्रवाई की जाए।
फरीदाबाद के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के सवाल पर चौधरी ने कहा कि कर्मचारियों ने जानबूझकर बिजली की लाइनें बंद नहीं की हैं। उनके अनुसार, आपूर्ति में रुकावट फॉल्ट के कारण आई है, लेकिन हड़ताल के दौरान कर्मचारी इन फीडरों को चालू नहीं करेंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों और पेयजल आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। ऐसी सेवाओं में बिजली जाने की स्थिति से निपटने के लिए सर्कल स्तर पर टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें तत्काल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।