Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। हरियाणा बिजली बोर्ड वर्कर यूनियन की तीन दिवसीय हड़ताल का असर अंबाला में भी देखने को मिल रहा है। हड़ताल के दूसरे दिन शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जबकि कुछ क्षेत्रों में बिजली चालू रही। बिजली न होने से लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बच्चों की परीक्षाओं और पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ रहा है।
यूनियन ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली आपूर्ति का काम निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया के विरोध में हड़ताल की है। यूनियन नेताओं का कहना है कि उनकी मुख्य मांग बिजली बोर्ड का निजीकरण रोकना है। उनका दावा है कि बिजली व्यवस्था निजी हाथों में जाने से कर्मचारियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं और आम उपभोक्ताओं को भी महंगी बिजली का सामना करना पड़ सकता है।
यूनियन नेता सोनू यादव के अनुसार, कर्मचारी सरकार से ऐसी मांगें नहीं कर रहे, जिन्हें पूरा करना मुश्किल हो। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका विरोध बिजली बोर्ड के निजीकरण को लेकर है। हड़ताल तीन दिन के लिए घोषित की गई है। इसके बाद यूनियन का नेतृत्व जो फैसला करेगा, कर्मचारी उसी के अनुसार आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया रोकने की अपील भी की।
दूसरी ओर, बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली न आने से घरों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इनवर्टर भी कुछ घंटे चलने के बाद जवाब दे रहे हैं, जिससे घरों में अंधेरा छा जाता है। लोगों के मुताबिक, बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं और बिजली न होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पानी की कमी के चलते नहाने-धोने और रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी हो रही है।
प्रभावित लोगों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि बिजली आपूर्ति सामान्य हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।