Summer express/ऊना/ राकेश -:पैरा एशियाई खेलों में ऊंची और लंबी कूद, दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर जिला ऊना के अंब क्षेत्र के गांव बदाऊं निवासी निषाद कुमार घर लौटे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। मैहतपुर प्रवेश द्वार पर ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच परिजनों और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। बेटे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल रहा। मां ने निषाद को गले लगाकर खुशी के आंसू बहाए, जबकि पिता रछपाल ने हार पहनाकर बेटे को गले लगाया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने भंगड़ा डालकर जश्न मनाया।
निषाद अपने साथ जापान में जीते दोनों स्वर्ण पदक लेकर पहुंचे थे। उन्होंने दोनों पदक अपने माता-पिता के गले में पहनाकर उन्हें अपनी सफलता का श्रेय दिया। इस भावुक पल ने वहां मौजूद लोगों को भी भावविभोर कर दिया। मैहतपुर में स्वागत के बाद ऊना पहुंचने पर भी खेल प्रेमियों ने उनका अभिनंदन किया। जिला खेल विभाग की ओर से जिला खेल अधिकारी प्रिंस पठानिया ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें बधाई दी। निषाद कुमार के पिता रछपाल ने कहा कि बेटे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर देश, हिमाचल प्रदेश, जिला ऊना और चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्हें बेटे की उपलब्धियों पर गर्व है।
वहीं, निषाद के कोच नसीम अहमद ने बताया कि दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए निषाद ने कड़ी मेहनत की थी। उनकी तैयारी और लगन का ही परिणाम है कि वह दोनों स्पर्धाओं में सफल रहे। अब उनका अगला लक्ष्य पैरा ओलंपिक में ऊंची कूद और लंबी कूद, दोनों में पदक जीतना है।निषाद कुमार ने कहा कि ऊंची कूद में उन्हें पहले से अनुभव था, लेकिन इस बार उन्होंने लंबी कूद में भी पदक जीतने का संकल्प लिया था। उन्होंने अपनी मां से वादा किया था कि वह ऊंची कूद के साथ लंबी कूद में भी हिस्सा लेंगे और पदक जीतने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्हें खुशी है कि वह अपना वादा निभाने में सफल रहे।निषाद ने युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और सफलता पाने के लिए लगातार मेहनत करें। युवाओं को आरामदायक दिनचर्या के बजाय अनुशासन और चुनौतियों को अपनाना चाहिए। उनका मानना है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास और कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।