Summer express, राकेश ,कोटला कलां। गौ माता की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के उद्देश्य से चलाए जा रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान को लेकर संत बाबा बाल जी आश्रम, कोटला कलां में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज और स्वामी गोपेश दास जी महाराज ने लोगों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। संतों ने कहा कि गौ माता का सम्मान और संरक्षण केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने कहा कि गौ माता पर होने वाले अत्याचार और उन्हें बेसहारा छोड़ने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। कई लोग अपनी गायों की देखभाल करने के बजाय उन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिससे गोवंश को परेशानी होती है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि गाय पालने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उनकी उचित देखभाल करनी चाहिए और उन्हें किसी भी परिस्थिति में बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए।
उन्होंने लोगों से गौ माता की सेवा और सुरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही सरकार से गोवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने और गोहत्या पर रोक लगाने की मांग की। बाबा बाल जी महाराज ने सनातन धर्म में गौ माता के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं में गौ सेवा और गौ प्रेम का विशेष स्थान है। श्रीमद्भागवत के दशम स्कंध में भी भगवान श्रीकृष्ण के गौ माता के प्रति प्रेम का वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं को गौ माता की सेवा और सुरक्षा के लिए भी आगे आना चाहिए।
स्वामी गोपेश दास जी महाराज ने बताया कि संतों, विभिन्न देवी-देवताओं के उपासकों और देशभर के श्रद्धालुओं के सहयोग से पिछले एक वर्ष से गौ सम्मान आह्वान अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न राज्यों और तहसीलों में लोगों से संपर्क कर गौ माता के सम्मान, सेवा और सुरक्षा के समर्थन में हस्ताक्षर एकत्रित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य गोवंश को सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान दिलाना तथा गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को सरकार तक पहुंचाना है।
उन्होंने केंद्र सरकार से गो सेवा मंत्रालय के गठन, गोवंश की सुरक्षा के लिए कठोर केंद्रीय कानून बनाने और गोचर भूमि को गोवंश के लिए सुरक्षित रखने की मांग की। इसके अलावा गो आधारित कृषि, शिक्षा, चिकित्सा और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोवंश की सेवा, सुरक्षा और संवर्धन के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे उन्हें किसी प्रकार का कष्ट न पहुंचे।
स्वामी गोपेश दास जी महाराज ने बताया कि गौ सम्मान आह्वान अभियान के दो चरण पूरे हो चुके हैं। तीसरे चरण के तहत 17 दिसंबर 2026 को शिमला में मुख्य सचिव के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सभी मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों के नाम प्रार्थना पत्र सौंपने की योजना है। अभियान के तहत करोड़ों लोगों के हस्ताक्षर एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने देशभर के गौभक्तों और श्रद्धालुओं से अभियान के समर्थन में हस्ताक्षर करने तथा अपने-अपने राज्यों की राजधानियों में पहुंचकर गौ संरक्षण से जुड़ी मांगों को सरकार के सामने रखने में सहयोग देने की अपील की।
संगोष्ठी में संतों ने एक स्वर में कहा कि गौ माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के लिए जनभागीदारी बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपनी गायों की जिम्मेदारी लेने और गौ संरक्षण के देशव्यापी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।