Summer express,ओडिशा। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्णब ने ओडिशा में भारी तबाही मचाई है। राज्य के गंजाम और गजपति समेत नौ जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण एक हजार से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में घरों तक पानी पहुंचने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।
राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 59,028 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इनमें अकेले गंजाम जिले के 11,882 लोग शामिल हैं। गंजाम के करीब 300 और गजपति के 700 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। दोनों जिलों के 2,328 लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकालने की तैयारी भी की जा रही है।
हालात को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों के लिए विभिन्न एजेंसियों की 313 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की नौ, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 60 और अग्निशमन विभाग की 244 टीमें शामिल हैं। गंजाम और गजपति में बचाव अभियान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
चक्रवात के कारण सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। गजपति जिले के मोहना ब्लॉक में राष्ट्रीय राजमार्ग-326 का लगभग 300 मीटर हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। वहीं, ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमा पर बहने वाली बहुदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसके चलते हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग और समय में बदलाव किया गया है।
तूफान का असर आंध्र प्रदेश में भी देखने को मिला है। गुंटूर जिले में दीवार गिरने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या सात हो गई है। भारतीय तटरक्षक बल ने आंध्र प्रदेश के तट के पास खराब मौसम में फंसे मालवाहक जहाज के 20 सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा सहित प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के लिए हवाई सर्वेक्षण करेंगे। प्रशासन की ओर से राहत, बचाव और यातायात व्यवस्था बहाल करने के प्रयास जारी हैं।