Summer express, हैदराबाद | तेलंगाना में जाली नोट छापने और लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। अब्दुल्लापुरमेट पुलिस और शादनगर स्पेशल ऑपरेशंस टीम (एसओटी) की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 500 रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत 6.78 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस कमिश्नर तरुण जोशी के मुताबिक, 1 नवंबर को नेशनल हाईवे-65 पर रामोजी फिल्म सिटी के नजदीक एक कार में सवार चारों आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मदुपोजु करनाकर, चिनोला माणिक्य रेड्डी, चेरुकुपल्ली रत्नाकर रेड्डी और करणम अजय कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को कुंतलूर इलाके में किराए के एक मकान में चल रही नकली नोट छापने की यूनिट का पता चला। पुलिस ने वहां छापा मारकर प्रिंटर, लैपटॉप, नोट काटने वाली मशीनें और जाली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण जब्त किए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी इसी ठिकाने पर नकली नोट छापते थे और फिर उन्हें बाजार में चलाने की कोशिश करते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने लोगों को ठगने के लिए एक खास तरीका अपनाया हुआ था। शुरुआत में आरोपी खरीदारों को एक लाख रुपये के असली नोटों के बदले तीन से चार लाख रुपये के नकली नोट देने का लालच देते थे। हालांकि, जब यह तरीका सफल नहीं हुआ तो उन्होंने ठगी का दूसरा रास्ता अपनाया।
आरोपी पहले संभावित खरीदारों को असली नोट दिखाकर उनका भरोसा जीतते थे। इसके बाद गिरोह के कुछ सदस्य नकली पुलिस अधिकारी बनकर मौके पर पहुंचते और खरीदारों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते थे। इस दौरान वे खरीदारों के असली पैसे लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस के मुताबिक, इस तरीके से गिरोह ने दो अलग-अलग घटनाओं में लोगों से दो लाख और तीन लाख रुपये की ठगी की।
पुलिस कमिश्नर तरुण जोशी ने बताया कि आरोपी ठगी के दौरान नकली पुलिस पहचान पत्रों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करते थे, ताकि लोगों को डराकर आसानी से अपने जाल में फंसा सकें। फिलहाल पुलिस गिरोह के नेटवर्क, जाली नोटों की छपाई और उनकी सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।