हरियाणा | हरियाणा सरकार ने 26 और 27 जुलाई को होने वाली सीईटी परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की जानकारी समय रहते गृह विभाग को भेजी जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा बंद की जा सके।
सरकार की यह सख्ती पेपर लीक और अफवाह फैलाने जैसी किसी भी संभावना को खत्म करने के लिए है। परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी न फैले, इसके लिए निगरानी टीम भी सक्रिय रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार इतने बड़े स्तर पर CET परीक्षा का आयोजन हो रहा है, ऐसे में सुरक्षा और पारदर्शिता में कोई समझौता नहीं होगा। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा से लेकर परीक्षा केंद्र तक की ट्रांसपोर्ट प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य की गई है।
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने भी कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास इंटरनेट सेवा बंद करने के विकल्प को खुले रखा गया है, खासतौर पर उन इलाकों में जहां गड़बड़ी की आशंका हो। परीक्षा वाले दोनों दिन क्षेत्र में धारा 163 लागू रहेगी, ताकि कोई बाहरी हस्तक्षेप न हो।
पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में किसी तरह की भीड़ या गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।
इस बार CET परीक्षा में लगभग 13.48 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं और प्रदेशभर में 1338 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और जरूरत पड़ने पर इंटरनेट बंद करने से भी परहेज़ नहीं होगा।