Shimla, Sanju
हिमाचल प्रदेश में आपदा राहत को लेकर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री के बीच बयानबाज़ी सामने आई है। राज्यपाल ने स्पष्ट कहा है कि केंद्र से आपदा राहत की मांग रखना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है, न कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की। यह टिप्पणी उन्होंने शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान की।
मुख्यमंत्री द्वारा यह बयान दिया गया था कि जयराम ठाकुर, जो कि भाजपा के हैं, उन्हें केंद्र की भाजपा सरकार से राहत की मांग करनी चाहिए। इस पर राज्यपाल ने असहमति जताते हुए कहा कि सरकार का प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री करते हैं और यह जिम्मेदारी किसी अन्य की नहीं हो सकती।
राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि आपदा से प्रभावित लोगों को बसाने का काम प्रदेश सरकार का है और जमीन भी राज्य सरकार को ही उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी प्रक्रिया के तहत नुकसान का आकलन कर राहत राशि जारी करती है, और फिलहाल केंद्रीय टीम राज्य में मूल्यांकन कर रही है।राज्यपाल ने यह जानकारी भी दी कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हिमाचल के लिए अतिरिक्त मदद का अनुरोध किया है।
नशा मुक्ति पर चिंता
इसके साथ ही राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रदेश में नशे की बढ़ती समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक नया पुनर्वास केंद्र (रिहैब सेंटर) नहीं खोल पाई है और सिर्फ जगह तलाशने की बात हो रही है। उन्होंने हाल ही में काशी में हुए “नशा मुक्त युवा- विकसित भारत” कार्यक्रम का ज़िक्र करते हुए बताया कि वहां हिमाचल में चल रहे अभियानों की चर्चा की गई थी।राज्यपाल ने कहा कि जागरूकता में कुछ बढ़ोतरी हुई है, लेकिन नशे की मांग को घटाने के लिए ज़मीनी स्तर पर अधिक प्रयासों की आवश्यकता है।