कन्नौज | समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था को पूरी तरह नाकाम बताया और आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधी खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि आमजन खुद को कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा।
अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार सिर्फ नारेबाजी कर रही है, जबकि ज़मीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्थानांतरण और पदस्थापना के नाम पर वसूली में लगी है।
‘जिलों के टॉप-10 माफिया की सूची सार्वजनिक करे सरकार’
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से मांग की कि वह कम से कम जिलों के टॉप-10 माफियाओं की सूची तो जारी करे ताकि लोगों को यह स्पष्ट हो सके कि कन्नौज, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी जैसे जिलों में अपराध की असल स्थिति क्या है।
‘प्राथमिक स्कूल बंद कर गरीबों से छीनी जा रही शिक्षा’
अखिलेश यादव ने शिक्षा क्षेत्र में सरकार की नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राथमिक विद्यालयों का मर्जर कर रही है और इसका सीधा असर गरीब और ग्रामीण बच्चों पर पड़ रहा है। “जब स्कूल खोले गए थे, तो मकसद यह था कि हर गरीब बच्चा आसानी से पढ़ाई कर सके। लेकिन अब इन्हें बंद कर नौजवानों की नौकरी और शिक्षकों के पद खत्म किए जा रहे हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक साजिश के तहत किया जा रहा है ताकि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग (‘पीडीए’) शिक्षा और आरक्षण के अधिकारों से वंचित हो जाए।
‘भ्रष्टाचार चरम पर, जनता त्रस्त’
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि सड़कों को गड्ढामुक्त करने के नाम पर भारी भ्रष्टाचार हुआ है और सरकारी मशीनरी अब स्थानांतरण और पदस्थापना से उगाही में जुटी है। उन्होंने कहा, “सरकार ने महंगाई बढ़ाई, व्यापार चौपट किया और अब जनता के सब्र का बांध टूटने को है।”
उन्होंने दावा किया कि अब आम जनता को समझ आ गया है कि हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला है और भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर केवल जनता को गुमराह किया है।