Summer express, जींद। राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद होटल और रेस्टोरेंटों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी बीच जींद जिले में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जिले में संचालित 140 होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में से केवल 17 प्रतिष्ठानों के पास ही दमकल विभाग की वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) है, जबकि 123 इकाइयां बिना एनओसी के संचालित हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले के कई होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे घनी आबादी वाले क्षेत्रों, संकरी गलियों और बाजारों में चल रहे हैं, जहां न तो पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था है और न ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जरूरी सुरक्षा मानक पूरे किए गए हैं। ऐसे स्थानों पर आग या किसी अन्य हादसे की स्थिति में दमकल वाहन और एंबुलेंस का समय पर पहुंचना बड़ी चुनौती बन सकता है।
सबसे अधिक चिंता पुराने भवनों में संचालित हो रहे प्रतिष्ठानों को लेकर जताई जा रही है। इनमें से कई जगहों पर फायर फाइटिंग सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम और आपातकालीन निकास जैसी मूलभूत सुरक्षा सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। वहीं कुछ बहुमंजिला भवनों में भी बिना आवश्यक मंजूरी और सुरक्षा मानकों के रेस्टोरेंट संचालित किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, दमकल विभाग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में कई होटल और ढाबा संचालकों को फायर एनओसी लेने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों ने नियमों का पालन नहीं किया। इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की गति भी सवालों के घेरे में है।
नियमों के तहत 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों, 500 वर्ग मीटर से बड़े व्यावसायिक भवनों, होटलों, रेस्टोरेंटों और बैंक्वेट हॉल के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है। इसके अलावा अग्निशमन उपकरण, पानी के टैंक, चौड़े निकास मार्ग और फायर ब्रिगेड की आवाजाही के लिए पर्याप्त खुला स्थान भी जरूरी माना गया है।
जिला अग्निशमन अधिकारी रामेश्वर ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों के पास फायर एनओसी नहीं है या जिनकी एनओसी की अवधि समाप्त हो चुकी है, उनकी जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दिल्ली अग्निकांड के बाद सामने आए इन आंकड़ों ने जींद जिले में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।