नई दिल्ली | भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 25 और 26 जून को चीन के किंगदाओ शहर में आयोजित होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में वे भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और शांति स्थापना जैसे अहम मुद्दों पर भारत की रणनीतिक सोच को साझा करेंगे।
रक्षा मंत्री कार्यालय की ओर से एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा किए गए संदेश में बताया गया कि बैठक के दौरान राजनाथ सिंह कई सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ताएं भी करेंगे, जिनमें चीन और रूस प्रमुख होंगे।
SCO मंच से भारत का स्पष्ट संदेश
राजनाथ सिंह इस बहुपक्षीय मंच पर भारत के वैश्विक शांति और सुरक्षा के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही वे आतंकवाद और उग्रवाद के खात्मे के लिए साझा और समन्वित प्रयासों की वकालत करेंगे। भारत SCO के तहत व्यापार, संपर्क और आर्थिक सहयोग बढ़ाने को भी प्राथमिकता देगा।
भारत की भूमिका और SCO का महत्व
भारत 2017 में SCO का पूर्ण सदस्य बना और 2023 में इसकी अध्यक्षता भी संभाल चुका है। भारत SCO को क्षेत्रीय सहयोग, राजनीतिक स्थिरता, सुरक्षा साझेदारी और जनसंपर्क को मज़बूत करने वाला प्रभावी मंच मानता है।
SCO की स्थापना 2001 में हुई थी और यह एक महत्वपूर्ण अंतर-सरकारी संगठन है। वर्तमान में इसके सदस्य देशों में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कज़ाख़स्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं।
‘शंघाई भावना’ को आगे बढ़ाने की थीम
2025 के लिए SCO की अध्यक्षता चीन ने संभाली है और इस बार की थीम “शंघाई भावना को कायम रखना: एससीओ आगे बढ़ रहा है” रखी गई है। सदस्य देशों के बीच यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हुई हैं।