चंडीगढ़ | जहां पंजाब में इन दिनों बारिश ने कुछ राहत जरूर दी है, वहीं हिमाचल प्रदेश में मानसून ने विकराल रूप ले लिया है। प्रदेश के मंडी, कुल्लू, कांगड़ा जैसे इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण हालात बेकाबू हो गए हैं। इसका सीधा असर पंजाब के कई जिलों, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि ब्यास नदी में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
भारतीय मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है और पंजाब प्रशासन को भी नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हिमाचल में लगातार बारिश और भूस्खलन की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए हैं, जिससे पंजाब-हिमाचल यातायात भी प्रभावित हुआ है।
हिमाचल में मानसून बना कहर, पंजाब भी अलर्ट पर
हिमाचल प्रदेश राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक, 20 जून से 29 जून तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 39 लोगों की मौत, 81 घायल और 4 लोग लापता हैं। जान गंवाने वालों में कुछ लोगों की मौत पानी में बहने, सड़क हादसों और सांप के काटने जैसी घटनाओं से भी हुई है। इस अवधि में हिमाचल को 75 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।
पंजाब पर भी असर
हिमाचल में ब्यास और सतलुज जैसी नदियों में बढ़ते जलस्तर के कारण पंजाब के होशियारपुर, गुरदासपुर, रोपड़ और कपूरथला जैसे जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। राज्य प्रशासन ने निचले इलाकों में रह रहे लोगों से सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
पंजाब सरकार ने भी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है और जिला प्रशासन को संभावित बाढ़ से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।