हरियाणा (संजय अरोड़ा): अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा में जारी नेतृत्व विवाद अब और भी गहराता जा रहा है। अब इस विवाद में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की कथित सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसमें उसने बिना नाम लिए पूर्व सांसद व भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई को अप्रत्यक्ष रूप से परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
इस पोस्ट में दावा किया गया है कि महासभा का चुनाव वर्षों से एक व्यक्ति के प्रभाव में संचालित हो रहा था, और वही सब कुछ तय करता था। पोस्ट में देवेंद्र बूड़िया के समाजहित में लिए गए निर्णयों का समर्थन करते हुए कहा गया कि अब चुनाव की प्रक्रिया पूरे समाज की सहमति से होनी चाहिए। हालांकि, summer news न तो इस पोस्ट की पुष्टि करता है और न ही इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी लेता है।
जब इस पोस्ट को लेकर पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई से प्रतिक्रिया ली, तो उन्होंने इसे “मात्र अफवाह” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
विवाद की पृष्ठभूमि
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा में यह विवाद उस समय खुलकर सामने आया जब तत्कालीन अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया ने भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के करीबी और विधायक रणधीर पनिहार पर गंभीर आरोप लगाए। सोशल मीडिया पर लाइव होकर बूड़िया ने कहा था कि रणधीर पनिहार ने उन्हें दिल्ली बुलाकर चुनाव के लिए करोड़ों रुपये की मांग की और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। जवाब में रणधीर पनिहार ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया।
बाद में देवेंद्र बूड़िया ने जोधपुर में समाज के लोगों के साथ बैठक कर कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटा दिया। इसके जवाब में कुलदीप बिश्नोई ने संरक्षक पद की हैसियत से बूड़िया को अध्यक्ष पद से हटाते हुए परसराम बिश्नोई को नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। इसके साथ ही, बूड़िया से “बिश्नोई रत्न” सम्मान भी वापस ले लिया गया।
दो फाड़ में बंटी महासभा
इसके बाद महासभा दो गुटों में बंट गई। महासभा के 21 में से 14 सदस्यों ने कुलदीप बिश्नोई के समर्थन में मुरादाबाद रजिस्ट्रार सोसाइटी को पत्र सौंपकर कहा कि उन्हें हटाया जाना असंवैधानिक है। विवाद और बढ़ा तो कुलदीप बिश्नोई ने मुकाम धाम के पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद को पत्र भेजकर महासभा के संरक्षक पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने स्वामी रामानंद को नया संरक्षक घोषित करते हुए चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए 29 सदस्यीय समिति गठित की है। इसके अतिरिक्त, चुनाव प्रक्रिया को कानूनी रूप देने के लिए राजस्थान के वरिष्ठ अधिवक्ता एस.के. बिश्नोई को विधिक सलाहकार नियुक्त किया गया है।