Summer express, संजू , शिमला। हिमाचल प्रदेश में ‘न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम’ की अधिसूचना वापस लेने समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ (PTF) का आंदोलन तेज हो गया है। कांगड़ा के बगलामुखी मंदिर से 11 जुलाई को शुरू हुई 15 दिवसीय ‘प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा’ के बाद रविवार को शिमला के चौड़ा मैदान में हजारों शिक्षकों ने महारैली कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद रविवार को मुख्यमंत्री स्वयं चौड़ा मैदान स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया, लेकिन साथ ही ‘न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम गो बैक’ के नारे भी लगाए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि 5 सितंबर से पहले विशेष बैठक आयोजित कर उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारी और शिक्षक हितों को लेकर गंभीर है।
मुख्यमंत्री ने जेबीटी से टीजीटी पदोन्नति प्रक्रिया जल्द शुरू करने और जिला स्तर पर पदोन्नति से जुड़ी डीओ शक्तियों को पूरा करने का भरोसा दिया। क्लस्टर और न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को लेकर उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमेटी के साथ चर्चा कर जरूरत पड़ने पर गाइडलाइंस में संशोधन किया जा सकता है या व्यवस्था को वापस लेने पर भी विचार किया जाएगा।
उन्होंने शिक्षकों से जुड़ी सस्पेंशन और एफआईआर मामलों की जांच को खत्म करवाने का भी आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने एलीमेंट्री और प्राइमरी शिक्षा को मिलाकर एक ‘स्कूल एजुकेशन’ विभाग और नया निदेशालय बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट कम करने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य की वित्तीय स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली भाजपा सरकार राज्य पर 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारी छोड़ गई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने से राज्य को हर साल मिलने वाली 8 से 10 हजार करोड़ रुपये की राशि प्रभावित हुई है।
वहीं, प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने मुख्यमंत्री के धरना स्थल पर पहुंचने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्वयं शिक्षकों के बीच पहुंचने से उनकी मांगों के समाधान की उम्मीद जगी है, लेकिन मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
रमेश शर्मा ने कहा कि संघ की प्रमुख मांगों में न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को वापस लेना, प्राथमिक शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा, प्राथमिक और नर्सरी शिक्षकों के रिक्त पदों को भरना, जेबीटी से टीजीटी पदोन्नति और उच्च ग्रेड पे का लाभ देना शामिल है।
उन्होंने कहा कि मांगों का उचित समाधान होने तक आंदोलन गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। संघ ने निदेशालय में क्रमिक अनशन शुरू करने का भी ऐलान किया है।