चंडीगढ़| अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा में चल रहे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस विवाद में अब गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की कथित सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसमें उसने महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया का समर्थन करते हुए परोक्ष रूप से पूर्व सांसद और भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई को चेतावनी दी है।
लॉरेंस की ओर से की गई कथित पोस्ट में बिश्नोई समाज के भीतर चुनाव प्रक्रिया और नेतृत्व को लेकर असंतोष जाहिर किया गया है। उसने बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया है कि महासभा को लंबे समय से एक व्यक्ति तानाशाही तरीके से चला रहा था और अब देवेंद्र बूड़िया द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत समाजहित में फैसले लिए जा रहे हैं, जिन्हें वह पूरा समर्थन देता है।
पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि संबंधित व्यक्ति ने बूड़िया को अपने घर बुलाकर अभद्रता की और उन पर दबाव बनाने की कोशिश की। लॉरेंस ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर समाज के हित में काम करने वालों को दबाया गया, तो वह और उसके समर्थक पीछे नहीं हटेंगे।
बूड़िया और कुलदीप बिश्नोई के बीच टकराव
बिश्नोई महासभा में विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब तत्कालीन अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया ने विधायक रणधीर पनिहार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर दावा किया कि रणधीर पनिहार ने उन्हें दिल्ली बुलाकर चुनाव में करोड़ों रुपये की मांग की और अपमानजनक व्यवहार किया। हालांकि विधायक पनिहार ने इन आरोपों को निराधार बताया था।
इसके बाद देवेंद्र बूड़िया ने जोधपुर में समाज के लोगों के साथ बैठक कर कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटा दिया। जवाब में कुलदीप बिश्नोई ने संरक्षक पद की हैसियत से बूड़िया को प्रधान पद से हटाते हुए परसराम बिश्नोई को नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। साथ ही बूड़िया को दिया गया ‘बिश्नोई रत्न’ सम्मान भी वापस ले लिया गया।
महासभा में दो फाड़
इस घटनाक्रम के बाद महासभा दो धड़ों में बंट गई। 21 में से 14 सदस्यों ने मुरादाबाद स्थित रजिस्ट्रार सोसाइटी को पत्र सौंपकर कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद पर बनाए रखने की मांग की और बूड़िया द्वारा उन्हें हटाने को असंवैधानिक करार दिया। विवाद बढ़ने पर कुलदीप बिश्नोई ने स्वयं महासभा के संरक्षक पद से इस्तीफा दे दिया और मुकाम धाम के पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद को नया संरक्षक नामित कर दिया।
स्वामी रामानंद की अध्यक्षता में 29 सदस्यीय चुनाव समिति का गठन किया गया है और राजस्थान के वरिष्ठ अधिवक्ता एसके बिश्नोई को विधिक सलाहकार नियुक्त किया गया है।