Summer express, सोनीपत। बहालगढ़ रोड स्थित फिम्स अस्पताल के डॉक्टरों ने 60 वर्षीय ग्रामीण महिला का जटिल हृदय उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। लंबे समय से सांस लेने में परेशानी का सामना कर रही महिला की जांच में सामने आया कि उसका हृदय मात्र 25 प्रतिशत क्षमता से काम कर रहा था। साथ ही वह लेफ्ट बंडल ब्रांच ब्लॉक (एलबीबीबी) जैसी गंभीर हृदय समस्या से भी पीड़ित थी।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मयंक गोयल की अगुवाई में चिकित्सकों की टीम ने कार्डियक री-सिंक्रोनाइजेशन थेरेपी डिफिब्रिलेटर (सीआरटी-डी) तकनीक के माध्यम से उपचार किया। अस्पताल के अनुसार, सोनीपत में इस उन्नत तकनीक का यह पहला सफल प्रयोग माना जा रहा है।
करीब चार घंटे तक चली इस जटिल प्रक्रिया के दौरान मरीज को बेहोश किए बिना हृदय में तीन विशेष लीड्स प्रत्यारोपित की गईं, जिन्हें बैटरी संचालित डिवाइस से जोड़ा गया। अस्पताल के प्रबंध निदेशक रजत जैन ने बताया कि अत्याधुनिक कैथ लैब और विशेषज्ञ टीम के समन्वय से यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
उपचार के बाद महिला की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और दो दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस उपलब्धि पर अस्पताल के चेयरमैन राजपाल जैन और सीएमडी डॉ. अनिल जैन ने पूरी मेडिकल टीम को बधाई देते हुए इसे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।