चंबा में ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला शुरू, राज्यपाल ने मिंजर ध्वज फहराकर किया शुभारंभ

Karuna
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Summer express, चंबा। मंजूर पठान। देवभूमि चंबा का ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला रविवार को धार्मिक आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक रंगों के साथ शुरू हो गया। मेले के उद्घाटन समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

मेले की शुरुआत राज्यपाल ने करीब 1300 वर्ष पुराने श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान रघुनाथ जी को मिंजर अर्पित करने के साथ की। इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक चौगान मैदान में मिंजर ध्वज फहराकर मेले का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों, विशेषकर चंबा के लोगों को अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मेले को हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक आस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बताया।

श्रावण मास में आयोजित होने वाला यह ऐतिहासिक मेला देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। मान्यता है कि वर्ष 935 ईस्वी में चंबा के राजा की विजय के उपलक्ष्य में लोगों ने धान और मक्का की बालियों के प्रतीक ‘मिंजर’ भेंट कर उनका स्वागत किया था। तभी से यह परंपरा लगातार चली आ रही है।

सप्ताहभर चलने वाले मेले के दौरान लोकनृत्य, लोकसंगीत, सांस्कृतिक संध्याएं, खेल प्रतियोगिताएं, हस्तशिल्प प्रदर्शनियां और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेले का मुख्य आकर्षण भव्य मिंजर शोभायात्रा होगी, जिसमें देवी-देवताओं की पालकियां, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।

मेले के समापन अवसर पर रावी नदी में मिंजर, नारियल, फल और सिक्के अर्पित किए जाएंगे। इस दौरान प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और जनकल्याण की कामना की जाएगी।

बाइट: कुलविंदर गुप्ता, राज्यपाल

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