चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने सूरजमुखी की फसल बेचने में देरी झेल रहे किसानों को राहत देते हुए खरीद की अंतिम तारीख को तीन दिन आगे बढ़ा दिया है। अब किसान 3 जुलाई तक अपनी उपज मंडियों में बेच सकेंगे। यह फैसला खासकर उन किसानों के लिए फायदेमंद रहेगा, जिनकी फसल जून महीने में बारिश के चलते समय पर नहीं कट पाई थी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि समयसीमा बढ़ाने का फैसला किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए लिया गया है, ताकि वे अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेच सकें।
राज्य सरकार द्वारा सूरजमुखी की खरीद का जिम्मा HAFED और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन को सौंपा गया है। वर्ष 2025-26 के खरीफ सीजन में अब तक 47,300 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद हो चुकी है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले काफी अधिक है। वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 38,903 मीट्रिक टन था।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उन्हें हरसंभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। फसल खरीद की समयसीमा बढ़ाना इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल है।