मोतिहारी (बिहार) | पूर्वी चंपारण जिले के दरपा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक पूर्व नक्सली की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय भून्ना मियां के रूप में हुई है। हमलावरों ने पहले गोली चलाई और फिर चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। इस वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
मछलियों को दाना डालने निकले थे, रास्ते में घेर लिया गया
परिजनों के मुताबिक भून्ना मियां सुबह अपने गांव पिपरा से तालाब में मछलियों को दाना डालने निकले थे। पिपरा हाई स्कूल के पास जैसे ही वह पहुंचे, पहले से घात लगाए अपराधियों ने राजेंद्र पासवान के घर के पास उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने उन्हें गोली मारी और उसके बाद चाकू से गला रेत दिया। मृतक का शव घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर सड़क किनारे फेंका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
जमीन विवाद को बताया जा रहा कारण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह हत्या वर्षों पुराने जमीन विवाद से जुड़ी हो सकती है। दरपा क्षेत्र के हरेंद्र सिंह की 85 बीघा जमीन पर लंबे समय से नक्सलियों की निगाह रही है। भून्ना मियां उस जमीन की देखरेख कर रहे थे। इससे पहले भी उन पर हमला हो चुका था।
पिछले साल अक्टूबर 2024 में उन्हें मोतिहारी से लौटते समय छौड़ादानो थाना क्षेत्र में गोली मारी गई थी। तब उनकी जान बच गई थी, लेकिन इस बार हमलावरों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपियों की पहचान
रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धीरेन्द्र कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने हत्या में संलिप्त कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।मोतिहारी (बिहार) | पूर्वी चंपारण जिले के दरपा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक पूर्व नक्सली की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय भून्ना मियां के रूप में हुई है। हमलावरों ने पहले गोली चलाई और फिर चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। इस वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
मछलियों को दाना डालने निकले थे, रास्ते में घेर लिया गया
परिजनों के मुताबिक भून्ना मियां सुबह अपने गांव पिपरा से तालाब में मछलियों को दाना डालने निकले थे। पिपरा हाई स्कूल के पास जैसे ही वह पहुंचे, पहले से घात लगाए अपराधियों ने राजेंद्र पासवान के घर के पास उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने उन्हें गोली मारी और उसके बाद चाकू से गला रेत दिया। मृतक का शव घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर सड़क किनारे फेंका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
जमीन विवाद को बताया जा रहा कारण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह हत्या वर्षों पुराने जमीन विवाद से जुड़ी हो सकती है। दरपा क्षेत्र के हरेंद्र सिंह की 85 बीघा जमीन पर लंबे समय से नक्सलियों की निगाह रही है। भून्ना मियां उस जमीन की देखरेख कर रहे थे। इससे पहले भी उन पर हमला हो चुका था।
पिछले साल अक्टूबर 2024 में उन्हें मोतिहारी से लौटते समय छौड़ादानो थाना क्षेत्र में गोली मारी गई थी। तब उनकी जान बच गई थी, लेकिन इस बार हमलावरों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपियों की पहचान
रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धीरेन्द्र कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने हत्या में संलिप्त कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।