करनाल | कुंजपुरा सेंटर पर गेहूं के रखरखाव में गंभीर लापरवाही के आरोप में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच में गड़बड़ियों की पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की गई। राज्यमंत्री राजेश नागर के निर्देश पर इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा और सब-इंस्पेक्टर संदीप को निलंबन का आदेश जारी किया गया है।
दरअसल, साल 2025 में स्टोर किए गए गेहूं के स्टॉक को लेकर शिकायतें मिली थीं कि कई बोरियों में तय मात्रा से काफी कम गेहूं भरा गया है। जांच के दौरान सामने आया कि कई बोरियों में 50 किलो के बजाय केवल 25-30 किलो गेहूं था। कुछ बोरियां फटी हुई थीं और गेहूं जमीन पर बिखरा पड़ा था। इससे स्टॉक की गुणवत्ता और सुरक्षित रखरखाव पर सवाल उठे।
सूत्रों के अनुसार, गोदाम में करीब 70 चट्टे रखे गए हैं, जिनमें से कुछ की ही जांच हो पाई है। प्रारंभिक जांच में भारी गबन की आशंका जताई गई है। बाकी चट्टों की जांच लंबित है और सभी की वीडियोग्राफी के आदेश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे गोदाम की जांच की मांग की है, क्योंकि बारिश के मौसम में खुले में पड़ा गेहूं खराब होने का खतरा बना हुआ है।
यह स्टॉक इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा और सब-इंस्पेक्टर संदीप की निगरानी में रखा गया था। बीते सप्ताह राज्यमंत्री राजेश नागर ने गोदाम का औचक निरीक्षण किया था, जहां अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब दोनों अधिकारियों को निलंबित कर विभागीय जांच तेज कर दी गई है।