11 July, 2025
भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच से पहले लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित एमसीसी संग्रहालय में भारतीय क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के एक नए चित्र का अनावरण किया गया। यह कलाकृति ब्रिटिश कलाकार स्टुअर्ट पियर्सन राइट द्वारा बनाई गई है, जो इस साल के अंत तक संग्रहालय में प्रदर्शित की जाएगी और बाद में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक पवेलियन में स्थानांतरित की जाएगी।
तेंदुलकर का यह चित्र उनके सिर और कंधों का एक क्लोज़-अप रूप है, जिसमें अमूर्त (एब्स्ट्रैक्ट) पृष्ठभूमि के माध्यम से एक विशिष्ट भावनात्मक गहराई को दर्शाया गया है। एमसीसी के संग्रह में यह किसी भारतीय खिलाड़ी का पाँचवां चित्र है, जबकि राइट द्वारा निर्मित यह चौथा चित्र है। इससे पहले कपिल देव, बिशन सिंह बेदी और दिलीप वेंगसरकर जैसे दिग्गजों के पूर्ण-लंबाई वाले चित्र संग्रह में शामिल किए जा चुके हैं।
सचिन तेंदुलकर को मिला घंटी बजाने का सम्मान
इस अवसर को और भी खास बनाते हुए, सचिन तेंदुलकर को मैच की शुरुआत से पहले लॉर्ड्स में स्थित ‘फाइव मिनट बेल’ बजाने का सम्मान भी प्राप्त हुआ। यह परंपरा वर्ष 2007 से शुरू हुई थी और सिर्फ उन महान खिलाड़ियों को दी जाती है जिन्होंने क्रिकेट इतिहास में गहरी छाप छोड़ी हो।
18 साल पुरानी तस्वीर से प्रेरित
कलाकार पियर्सन राइट ने इस चित्र के लिए 18 साल पहले मुंबई स्थित तेंदुलकर के घर पर ली गई तस्वीर का उपयोग किया। उन्होंने कहा, “एमसीसी इस बार कुछ नया और अलग चाहता था, इसलिए मैंने सचिन के चेहरे को केंद्रीय विषय बनाया और अमूर्त शैली अपनाई, जिससे भावनाओं की गहराई को बेहतर तरीके से उभारा जा सके।”
तेंदुलकर ने साझा की अपनी भावनाएं
इस विशेष सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेंदुलकर ने कहा,“1983 में भारत की विश्व कप जीत के दौरान लॉर्ड्स से मेरा पहला परिचय हुआ था, जब मैंने टीवी पर कपिल देव को ट्रॉफी उठाते देखा था। उस क्षण ने मुझे क्रिकेट की ओर प्रेरित किया था। आज मेरा चित्र उसी पवेलियन में लगेगा—यह मेरे जीवन का एक पूर्ण चक्र जैसा है।”
एमसीसी संग्रह का गौरव
लॉर्ड्स का यह चित्रण कार्यक्रम पिछले 30 वर्षों से चल रहा है, जबकि एमसीसी का कला संग्रह विक्टोरियन युग तक जाता है। लगभग 300 चित्रों सहित इसमें 3,000 से अधिक कलाकृतियाँ हैं, जो इसे दुनिया के सबसे समृद्ध खेल कला संग्रहों में से एक बनाते हैं। एमसीसी की संग्रह प्रबंधक चार्लोट गुडह्यू ने कहा,“सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज को हमारे संग्रह में शामिल करना एक विशेष क्षण है, और इंग्लैंड-भारत टेस्ट के दौरान यह अनावरण इसे और भी यादगार बना देता है।”