Palwal, 13 July
पलवल ज़िले के होडल शहर की हालत इन दिनों बदतर हो चुकी है। बारिश के बाद शहर की सड़कों और कॉलोनियों में भरे पानी ने लोगों का निकलना दूभर कर दिया है। स्थिति इतनी खराब है कि स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे भी गंदे पानी से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। नगर परिषद की लापरवाही से जनता का गुस्सा फूटने लगा है।
करोड़ों की निकासी योजनाएं सिर्फ फाइलों में सिमटीं
होडल शहर में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन हर चुनाव में नगर परिषद के उम्मीदवार सिर्फ वादे करते हैं—जैसे बेहतर सफाई व्यवस्था, जलनिकासी सिस्टम, स्ट्रीट लाइट्स और सुंदर शहर—लेकिन चुनाव जीतने के बाद सब कुछ भूल जाते हैं।बारिश के बाद होडल की गलियों में 2-3 फीट तक पानी भर जाता है। आम लोगों से लेकर स्कूल जाने वाले बच्चे तक इसी गंदे पानी में चलने को मजबूर हैं। शहरवासी बताते हैं कि उन्हें जन्म से लेकर अब तक सिर्फ पानी भरा ही देखा है, पर कभी निकासी का पुख्ता इंतजाम नहीं हुआ।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि सड़कों पर पानी भरा होने से गड्ढे नहीं दिखते, जिससे राहगीर गिरकर घायल हो जाते हैं। वाहन खराब हो जाते हैं और लोगों को उन्हें पानी में खींचना पड़ता है।शहरवासियों का सवाल है—जब हर साल करोड़ों रुपये निकासी के नाम पर पास होते हैं, तो फिर यह पैसा जाता कहां है? अब जनता जवाब चाहती है, न कि सिर्फ वादे।