बठिंडा | आप नेता दीपक बांसल एक बड़े फ्रॉड का शिकार हो गए हैं। साल 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके दीपक ने ट्रांसपोर्ट विभाग में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का टेंडर लेने के लिए अपने सहयोगी के साथ मिलकर एक सौदा किया था, लेकिन अब वही डील उन्हें भारी पड़ गई।
जानकारी के अनुसार, शहर के सीए नरिंदर गर्ग, सैनेटरी कारोबारी अमित बांसल और कांता बांसल ने दीपक से इस टेंडर को लेकर डील की थी। सहमति के मुताबिक, 100% भुगतान दीपक बांसल की ओर से किया गया और तय हुआ कि प्रॉफिट में 95% हिस्सा उन्हें और सिर्फ 5% अमित को मिलेगा।
लेकिन टेंडर पास होने के बाद अमित और उसके साथियों ने पहले हुए समझौते को मानने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, आरोप है कि अमित ने अपने सीए के साथ मिलकर फर्जी नेटवर्थ के दस्तावेज भी बनवाए और विभाग को गलत जानकारी दी।
दीपक बांसल की शिकायत पर पुलिस ने अब तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और अगली कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मामला अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।