Shimla, Sanju-हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने अंगदान की शपथ लेकर समाज के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। मंगलवार को अपने कार्यालय में उन्होंने ऑनलाइन अंगदान फॉर्म भरते हुए सार्वजनिक रूप से इस पुनीत कार्य का संकल्प लिया। इसी के साथ प्रदेश में “अंगदान – जीवन संजीवनी अभियान” की शुरुआत भी की गई, जिसे स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (SOTTO) द्वारा चलाया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और इससे किसी ज़रूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अंगदान के लिए पंजीकरण करने की अपील की और बताया कि इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा उपलब्ध है।उन्होंने डॉक्टर पुनीत महाजन के प्रयासों की सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री से इस दिशा में विशेष टीम व ग्रीन कॉरिडोर की स्थापना की बात की जाएगी ताकि प्रदेश में इस अभियान को मजबूती मिल सके।
शराब के ठेके पर पंचायत के इस्तीफों का असर, मंत्री ने दिए ठेका न खोलने के निर्देश
बसंतपुर की चेवड़ी पंचायत में शराब का ठेका खुलने के विरोध में पंचायत प्रतिनिधियों के सामूहिक इस्तीफे के मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने एक्साइज कमिश्नर को ठेका बंद करने के निर्देश दे दिए हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब के ठेके खोलना पंचायती राज विभाग के अधीन नहीं आता, लेकिन जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए त्वरित कार्रवाई की गई है।
पंचायत चुनाव तय समय पर, नई पंचायतों पर फिलहाल रोक
राज्य में पंचायत चुनाव दिसंबर के मध्य में कराने की पुष्टि करते हुए मंत्री ने बताया कि कैबिनेट में इससे संबंधित प्रस्ताव पारित हो चुका है।प्रदेश में 750 नई पंचायतों की मांग आई थी, लेकिन वित्तीय स्थिति को देखते हुए इस पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि एक पंचायत के संचालन पर सालाना लगभग 10 लाख रुपए का खर्च आता है, जबकि पंचायत भवन निर्माण पर 1.14 करोड़ रुपए की लागत आती है।
नेशनल हाईवे से नुकसान पर केंद्र से मिलेंगे मंत्री, देंगे ज्ञापन
प्रदेश में नेशनल हाईवे निर्माण के कारण हो रहे नुकसान पर चिंता जताते हुए अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वे जल्द ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि हाइवे निर्माण के कारण घरों और संपत्ति को हो रहे नुकसान की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिनका समाधान जरूरी है।उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित लोगों को कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाएगी और कानून में संशोधन कर 100 मीटर की परिधि में हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।