Shimla, 16 July
सर्प सुरक्षा दिवस (वर्ल्ड स्नेक डे) के मौके पर शिमला में एक संयोगपूर्ण घटना घटी, जब हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) के कुसुम्पटी स्थित सरकारी आवास पर एक सांप के दिखाई देने की सूचना मिली। सुबह 6:49 बजे जैसे ही यह खबर वन विभाग तक पहुंची, टुटीकांडी स्थित रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) को तुरंत अलर्ट किया गया।
सिर्फ तीन मिनट के भीतर RRT को रवाना कर दिया गया और 11 किलोमीटर की दूरी तय कर टीम सुबह 7:25 बजे मौके पर पहुंची। महज पांच मिनट के भीतर, 7:30 बजे एक हिमालयन ट्रिंकेट स्नेक (Elaphe hodgsoni) को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया। यह सांप विषहीन और इंसानों के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन टीम ने पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया।
इस सफल अभियान ने RRT टुटीकांडी की प्रोफेशनलिज्म और त्वरित प्रतिक्रिया को एक बार फिर उजागर कर दिया। जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच टीम को कुल 530 वन्यजीव संबंधी कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें 241 सफल रेस्क्यू ऑपरेशन किए गए। इनमें सबसे अधिक 196 शिकायतें बंदरों से जुड़ी थीं, जबकि सांपों की 95 शिकायतों में से 50 बार सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया।
मानसून के मौसम में टीम रोजाना चार से पांच सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर रही है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इंसान और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सजग, प्रशिक्षित और प्रतिबद्ध टीमें कितनी अहम भूमिका निभाती हैं।
सर्प सुरक्षा दिवस पर यह ऑपरेशन सिर्फ एक रेस्क्यू नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश भी बन गया — कि जागरूकता, तत्परता और ज़िम्मेदारी के साथ हम किसी भी संकट को शांतिपूर्वक सुलझा सकते हैं।