नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” को हरी झंडी दे दी है। छह साल की इस योजना में हर साल 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, सिंचाई व भंडारण की व्यवस्था सुधारना और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है।
योजना के तहत 36 मौजूदा योजनाओं को मिलाकर एक बड़ी योजना तैयार की गई है, जिसकी शुरुआत देश के 100 जिलों में की जाएगी। इससे करीब 1.7 करोड़ किसानों को सीधे लाभ मिलने का अनुमान है।
इसके साथ ही, सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया है। एनएलसी इंडिया लिमिटेड को 7,000 करोड़ और एनटीपीसी को 20,000 करोड़ रुपये तक के निवेश की अनुमति दी गई है। यह निवेश ऊर्जा सुरक्षा और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए अहम माना जा रहा है।