18 July, 2025
इंग्लैंड-भारत टेस्ट सीरीज़ के दौरान प्रतिष्ठित ड्यूक्स क्रिकेट गेंद की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने यह शिकायत की है कि गेंद अपनी पारंपरिक कठोरता और गेंदबाजों की मदद करने वाली क्षमता को बरकरार नहीं रख पा रही है।
एजबस्टन टेस्ट के बाद भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और कहा कि गेंद “बहुत जल्दी नरम हो गई,” जिससे मैच का संतुलन पूरी तरह बल्लेबाजों की ओर झुक गया। इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने भी इस पर चिंता जताई और कहा कि गेंद की गिरती गुणवत्ता “चिंताजनक” है। उन्होंने खेल की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।
आलोचनाओं के बीच, ड्यूक्स गेंद बनाने वाली ब्रिटिश क्रिकेट बॉल्स लिमिटेड के मालिक दिलीप जाजोदिया ने एक व्यापक जांच की घोषणा की है। बीबीसी स्पोर्ट से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम गेंद को वापस लाकर उसकी गहन जांच करेंगे, टेनर से बातचीत करेंगे और सभी कच्चे माल की समीक्षा करेंगे। अगर बदलाव जरूरी हुआ, तो हम उसे लागू करेंगे।”
ड्यूक्स गेंद को पारंपरिक रूप से उसकी टिकाऊपन और सीम-मूलक परिस्थितियों में लंबी मदद के लिए जाना जाता है, लेकिन इस सीरीज़ में उसकी वह खासियत नदारद दिख रही है। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह निर्माण में खामी का नतीजा है या फिर जानबूझकर बल्लेबाजों को मदद देने वाली परिस्थितियों की योजना का हिस्सा है।