हरियाणा | हरियाणा में 21 गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द हो सकती है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि इन दलों ने बीते 6 वर्षों में किसी भी चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं लिया, जिसके चलते उन्हें चुनाव आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सुनवाई का मौका भी नहीं भुनाया
चुनाव आयोग ने इन दलों को 22 और 23 जुलाई को दस्तावेज जमा कराने और व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में शामिल होने का अवसर दिया था। लेकिन इन दोनों तारीखों में किसी भी दल का कोई प्रतिनिधि सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे में आयोग अब इनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है।
इन दलों पर लटक रही रद्दीकरण की गाज
मान्यता रद्दीकरण की सूची में शामिल प्रमुख दलों में शामिल हैं:
- अपना राज फ्रंट, हरियाणा स्वतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय बुजुर्ग शक्ति पार्टी (झज्जर)
- भारत (इंटीग्रेटेड) रक्षक दल, भारतीय जनहित विकास पार्टी, गुड़गांव रेजिडेंट पार्टी, हिन्द समदर्शी पार्टी (गुड़गांव)
- जनता उदय पार्टी, बेरोजगार आदमी अधिकार पार्टी (फरीदाबाद)
- राष्ट्रीय आर्य राज सभा, सेवा दल (रोहतक)
- हरियाणा जनरक्षक दल (सोनीपत), हरियाणा क्रांति दल (कुरुक्षेत्र), राष्ट्रीय कर्मयोग पार्टी (करनाल)
- सुशासन पार्टी (भिवानी) समेत कई अन्य क्षेत्रीय दल।
क्यों अहम है यह कार्रवाई?
चुनाव आयोग समय-समय पर राजनीतिक दलों की सक्रियता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐसी समीक्षा करता है। जो दल लगातार निष्क्रिय रहते हैं, उनके खिलाफ यह कदम जनहित और चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए जरूरी माना जाता है।