Chandigarh, 27 July
मैक्स अस्पताल, मोहाली द्वारा आयोजित वेट लॉस चैंपियन मीट में मोटापे से जूझ चुके करीब 50 मरीज़ों ने अपने ट्रांसफॉर्मेशन की प्रेरक कहानियाँ साझा कीं। यह कार्यक्रम चंडीगढ़ के एक होटल में आयोजित किया गया, जिसमें बैरिएट्रिक सर्जरी से लाभान्वित लोगों ने अपनी जद्दोजहद और नए जीवन की झलक दी।
इस कार्यक्रम में शामिल मोहर सिंह ने बताया कि वे फैटी लिवर, सांस लेने में परेशानी और गतिशीलता में कमी जैसी गंभीर समस्याओं से पीड़ित थे। मोटापे ने न केवल उनके शरीर पर बल्कि आत्म-सम्मान और सामाजिक जीवन पर भी असर डाला। लेकिन बैरिएट्रिक सर्जरी के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया।
जगदीप कौर ने कहा, “अगर आपने मुझे दो साल पहले देखा होता, तो मैं खुद को पहचान भी नहीं पाती। तब मैं लगभग 30 साल बड़ी लगती थी। गठिया और सूजन की समस्याओं ने मुझे थका दिया था। लेकिन एक दिन मैंने ठान लिया कि अब बदलाव ज़रूरी है।” उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद उन्होंने खुद को फिर से पा लिया है।
एक अन्य मरीज़, ऐसीरी देबबर्मा, जो लंबे समय से अपने वज़न को लेकर संघर्ष कर रही थीं, ने कहा, “मैंने हमेशा कोशिश की, लेकिन बदलाव मुश्किल लग रहा था। फिर मैक्स अस्पताल में सर्जरी के बाद मुझे मेरी पुरानी पहचान और आत्मविश्वास वापस मिला है।”
इस अवसर पर मैक्स अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. अनुपम गोयल ने कहा, “मोटापा केवल इच्छाशक्ति की कमी नहीं है। कई लोग खानपान और व्यायाम से वर्षों तक वज़न घटाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब नतीजे नहीं मिलते, तो बैरिएट्रिक सर्जरी एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प बन सकती है।”कार्यक्रम में मनोरंजन गतिविधियों, हेल्दी रेसिपी वर्कशॉप और इंटरएक्टिव सेशंस के ज़रिए मरीज़ों के बीच जुड़ाव और प्रोत्साहन का माहौल भी बना। उपस्थित लोगों को गुडी बैग्स और सरप्राइज़ गिफ्ट्स भी भेंट किए गए।