हिसार | 66वें इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड (IMO) में भारत ने अब तक का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दुनिया भर के 110 देशों को पछाड़कर 7वां स्थान हासिल किया। इस कामयाबी में हरियाणा के हिसार निवासी आदिश जैन का भी बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतकर न सिर्फ भारत, बल्कि अपने राज्य और परिवार का नाम भी रोशन किया।
इस प्रतियोगिता का आयोजन ऑस्ट्रेलिया के सनशाइन कोस्ट में हुआ, जहां भारत की टीम ने 3 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। भारत ने इस बार कुल 252 में से 193 अंक प्राप्त किए, जो अब तक का सर्वाधिक स्कोर है। यह दूसरी बार है जब भारत ने IMO में तीन स्वर्ण पदक जीते हैं।
आदिश जैन को मिला लंदन के टॉप कॉलेज में दाखिला
इस जबरदस्त प्रदर्शन के बाद आदिश जैन को लंदन के ‘इंपीरियल कॉलेज’ में MSc Mathematics के लिए चयनित किया गया है, जो दुनिया के टॉप कॉलेजों में शुमार है। इतना ही नहीं, MIT जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से भी उन्हें ऑफर मिला था। लेकिन आदिश ने लंदन की यूनिवर्सिटी को प्राथमिकता दी।
आदिश की इस सफलता में उनके माता-पिता डॉ. विक्रम जैन और डॉ. वनीता जैन, साथ ही उनके गुरु गगनदीप का मार्गदर्शन अहम रहा। उनका कहना है कि मेहनत, लगन और सही दिशा से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
भारत की लगातार मजबूत हो रही पकड़
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैथ्स ओलंपियाड में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। 2019 से 2025 तक भारत ने कुल 12 गोल्ड मेडल जीते और 7 बार टॉप 10 में अपनी जगह बनाई। पिछले वर्ष भारत को 4वां स्थान मिला था, जिसकी सराहना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में की थी।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही आदिश जैन देश के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बनकर उभरे हैं। उनकी यह सफलता यह साबित करती है कि भारत की प्रतिभा अब वैश्विक मंच पर छा रही है।