बहादुरगढ़ | हरियाणा के बहादुरगढ़ के एक छोटे से गांव बामडोली से निकले पहलवान हरदीप ने ग्रीस में आयोजित अंडर-17 वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। हरदीप ने 110 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग के फाइनल में ईरान के पहलवान को पटखनी देकर न सिर्फ मुकाबला जीता, बल्कि वह इस वर्ग में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान भी बन गए।
हरदीप की यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती में एक नया अध्याय जोड़ती है। वह मांडोठी गांव में हिंद केसरी सोनू के अखाड़े में अभ्यास करता है, जहां उन्हें अर्जुन अवॉर्डी कोच धर्मेंद्र दलाल से प्रशिक्षण मिल रहा है। कोच दलाल ने हरदीप को बेहद मेहनती और समर्पित खिलाड़ी बताते हुए कहा कि “इस लड़के में ओलंपिक मेडल जीतने की काबिलियत है और वह दिन दूर नहीं जब भारत को गौरव दिलाएगा।”
हरदीप पहले भी एशियन चैंपियनशिप सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुका है। लेकिन वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह ऐतिहासिक जीत न सिर्फ उसके परिवार और गांव, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
बहादुरगढ़ लौटने पर हरदीप का जोरदार स्वागत किया जाएगा। गांव बामडोली में जश्न का माहौल है और ग्रामीण इस कामयाबी को लेकर बेहद उत्साहित हैं। कोच दलाल ने जीत पर बधाई देते हुए कहा कि हरदीप की यह सफलता आने वाले युवा पहलवानों के लिए प्रेरणा बनेगी।