गुरुग्राम | पाकिस्तान आर्मी एविएशन कॉर्प्स (PAA) ने आखिरकार चीन से Z-10ME-02 अटैक हेलीकॉप्टर हासिल कर लिया है। मुल्तान आर्मी एविएशन बेस पर हुए समारोह में आर्मी चीफ जनरल सैयद असीम मुनीर की मौजूदगी में इस हेलीकॉप्टर को आधिकारिक तौर पर सेना में शामिल किया गया और इसका लाइव प्रदर्शन भी किया गया।
दरअसल, पाकिस्तान लंबे समय से अपने पुराने AH-1F/S कोबरा हेलीकॉप्टर को बदलने की कोशिश कर रहा था। पहले अमेरिका से AH-1Z Viper और तुर्की से T129B ATAK हेलीकॉप्टर लेने की योजना थी, लेकिन प्रतिबंधों और डिलीवरी विवादों के चलते सौदे रद्द हो गए। मजबूरी में अब पाकिस्तान ने चीन से Z-10ME मंगवाया है, जो पहले प्रदर्शन में विफल रहा था।
क्या है Z-10ME-02 की खासियत?
Z-10ME को चीन की Changhe Aircraft Industries Corporation ने विकसित किया है। यह डबल इंजन हेलीकॉप्टर करीब 7.2 टन वजनी है, जिसकी पेलोड क्षमता 1,500 किलो तक है। इसमें एंटी-टैंक मिसाइल, एयर-टू-एयर मिसाइल, मिनी क्रूज मिसाइल और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम जैसे एडवांस फीचर दिए गए हैं।
लेकिन भारत के पास क्या है?
भारत पहले से ही दो शक्तिशाली अटैक हेलीकॉप्टर संचालित कर रहा है:
- अपाचे AH-64E गार्जियन – अमेरिका का सबसे ताकतवर अटैक हेलीकॉप्टर, जो हेलफायर मिसाइल, हाइड्रा रॉकेट और 30mm गन से लैस है।
- LCH ‘प्रचंड’ – भारत में बना हल्का अटैक हेलीकॉप्टर, जो ऊंचाई वाले इलाकों में ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है।
विशेषज्ञों की राय
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक, हथियारों और ऊंचाई पर ऑपरेशन की क्षमता के मामले में Z-10ME, भारत के अपाचे और LCH प्रचंड से काफी पीछे है। इसका बैटल रिकॉर्ड सीमित है, और इसे पाकिस्तान ने मजबूरी में स्वीकार किया है।