7 August, 2025
हिन्दू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। यह तिथि न केवल धार्मिक दृष्टि से पूजनीय मानी जाती है, बल्कि इस दिन व्रत-उपवास कर मन, वचन और कर्म से शुद्धि की भी परंपरा रही है। अगस्त 2025 में आने वाली श्रावण पूर्णिमा को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है कि व्रत किस दिन रखा जाएगा—8 अगस्त को या 9 अगस्त को?
वैदिक पंचांग की गणना क्या कहती है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 8 अगस्त 2025 को दोपहर 2 बजकर 13 मिनट पर होगी, और यह तिथि 9 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 25 मिनट तक रहेगी।
इस स्थिति में, पूर्णिमा की तिथि अधिकांशतः 9 अगस्त की सुबह में उदया तिथि के अंतर्गत आती है, जो व्रत-पूजन के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती है।
व्रत किस दिन रखा जाएगा?
धार्मिक नियमों और परंपराओं के अनुसार, जब कोई तिथि दो दिनों में फैली हो, तो उदयकालीन तिथि को प्राथमिकता दी जाती है। इस लिहाज से श्रावण पूर्णिमा व्रत 8 अगस्त 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा।
श्रावण पूर्णिमा का महत्व
श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को राखी (रक्षाबंधन) का पर्व भी मनाया जाता है। इसके अलावा इस दिन सत्यनारायण व्रत, दान-पुण्य, और ऋषि तर्पण का भी विशेष महत्व होता है। पूर्णिमा को व्रत रखने से मन को शांति, परिवार में सुख-समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है।