दिल्ली | देश के कई इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक भारी बारिश हो रही है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में मानसून धीरे-धीरे खत्म होने की तरफ बढ़ रहा है। बारिश के कारण कई जगह बाढ़ और जलभराव ने आम जनजीवन प्रभावित किया है।
मौसम विभाग का अलर्ट:
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 13 से 18 अगस्त तक देश के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। साथ ही समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं और तूफान की चेतावनी भी दी गई है।
उत्तर भारत:
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ नदी-नाले उफान पर।
- जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और भूस्खलन का खतरा।
- हरियाणा, पश्चिमी यूपी और चंडीगढ़ में तेज बारिश और गरज-चमक।
- दिल्ली-NCR में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या जारी रहेगी।
पूर्वोत्तर:
- असम, मेघालय में 13 से 17 अगस्त तक बहुत भारी बारिश।
- अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तेज बारिश के आसार।
पूर्व और मध्य भारत:
- बिहार में जलभराव और बाढ़ का खतरा।
- छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश में लगातार बारिश।
- ओडिशा, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश।
दक्षिण भारत:
- तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में रुक-रुककर तेज बारिश।
- कुछ इलाकों में बाढ़ की आशंका भी बनी हुई है।
पश्चिम भारत:
- कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश का सिलसिला जारी।
- गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में गरज-चमक के साथ बारिश।
खतरे के संकेत:
बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है, जो तेज बारिश का कारण बन सकता है। जम्मू-कश्मीर, उत्तर-पश्चिम यूपी और कर्नाटक में भी तूफानी हवाओं की संभावना है।
बाढ़ और तबाही की स्थिति:
उत्तराखंड, हिमाचल और यूपी के कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं। दिल्ली-NCR में भी जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ है।
समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी
IMD ने मछुआरों और तटीय इलाकों के लोगों को 13-14 अगस्त को तेज हवाओं के कारण समुद्र में न जाने की सलाह दी है।