पाकिस्तान | पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में आतंक का साया एक बार फिर गहराता जा रहा है। वाशुक ज़िले में मंगलवार को सुरक्षाबलों पर हुए घातक हमले में कम से कम 9 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। यह हमला तब हुआ जब सेना की एक टुकड़ी मूवमेंट में थी और आतंकियों ने पुलिस थाने व फ्रंटियर कॉर्प्स के ठिकाने को निशाना बनाया।
हमले का तरीका
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दर्जनों हथियारबंद आतंकियों ने अचानक धावा बोल दिया। सेना की मूवमेंट के दौरान घात लगाकर किए गए इस हमले में सुरक्षाबलों को भारी नुकसान हुआ। जवाबी फायरिंग में कितने आतंकी मारे गए, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बलूचिस्तान में हिंसा का सिलसिला
यह कोई पहली घटना नहीं है। हाल में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को पटरी पर IED धमाका कर बेपटरी किया गया था, जिससे छह डिब्बे उतर गए और चार यात्री घायल हो गए। इससे पहले कलात क्षेत्र में कराची से क्वेटा जा रही यात्री बस पर अंधाधुंध फायरिंग हुई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत और सात घायल हुए।
बम धमाके से दहला बाजार
किला अब्दुल्ला जिले के जब्बार मार्केट के पास एक शक्तिशाली बम धमाके में चार लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा घायल हुए। धमाके से आसपास की इमारतें और दुकानें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
अशांति की जड़ें
बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी आंदोलनों और आतंकवादी घटनाओं का केंद्र रहा है। स्थानीय बलूच समूहों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार उनके संसाधनों का दोहन कर रही है और उन्हें उनका हक नहीं दे रही। यही नाराजगी अब हिंसक रूप लेकर पाकिस्तानी सेना, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और नागरिकों पर हमलों में बदल चुकी है।