कराची। पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस का जश्न उस समय मातम में बदल गया, जब लापरवाही से की गई हवाई फायरिंग ने तीन निर्दोष लोगों की जान ले ली। मरने वालों में एक आठ साल की मासूम बच्ची और एक बुजुर्ग शामिल हैं। इस घटना ने एक बार फिर देश में हथियारों के गैरकानूनी इस्तेमाल और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कराची बना गोलियों का मैदान
कराची के कई इलाकों—लियाकताबाद, कोरंगी, लियारी और महमूदाबाद—में धड़ाधड़ गोलियां चलीं। इस खतरनाक जश्न ने कम से कम 64 लोगों को घायल कर दिया। घायलों को सिविल, जिन्ना और अब्बासी शहीद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की छापेमारी, 20 गिरफ्तार
हादसे के बाद पुलिस हरकत में आई और 20 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया। उनके पास से आधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दावा किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
एक और हमला, पुलिसकर्मी शहीद
आजादी के मौके पर हिंसा यहीं नहीं रुकी। पेशावर के बाहरी इलाके हसन खेल थाने पर अज्ञात आतंकियों ने हमला कर दिया। इस गोलीबारी में कांस्टेबल अबु बकर की मौत हो गई और एक अधिकारी घायल हुआ।
बार-बार दोहराई जा रही त्रासदी
हवाई फायरिंग पाकिस्तान में नई समस्या नहीं है। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर भी 95 लोग घायल हुए थे, उससे पहले 80 लोग जख्मी हुए थे। नए साल के जश्न पर भी ऐसे हादसे आम हैं, जिनमें अक्सर मासूम लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं।