भिवानी | भिवानी की महिला टीचर मनीषा हत्याकांड को लेकर जारी तनाव के बीच गुरुवार सुबह उनके पार्थिव शरीर का गांव ढाणी लक्ष्मण स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। नौ दिन तक इंसाफ की लड़ाई में अडिग रहने के बाद परिवार बुधवार देर शाम सरकार से मिले आश्वासनों के बाद राजी हुआ। अंतिम संस्कार के दौरान भावनात्मक माहौल था, जब छोटे भाई नितेश ने अपनी बहन को मुखाग्नि दी। इस पल पर गांव के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
अस्पताल से शव को सुबह श्मशान घाट लाया गया, जहां पिता संजय, दादा राम किशन और ग्रामीण मौजूद थे। इससे पहले परिवार ने सरकार के सामने दो बड़ी मांगें रखी थीं—मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स में हो। दोनों मांगें पूरी होने के बाद ही परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बुधवार सुबह अपने फेसबुक अकाउंट से जानकारी साझा करते हुए कहा था कि प्रदेश सरकार निष्पक्ष जांच के लिए केस सीबीआई को सौंप रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर गंभीरता और पारदर्शिता के साथ काम किया जाएगा।
इधर, भिवानी और चरखी दादरी जिलों में हालात को देखते हुए सरकार ने मोबाइल इंटरनेट, बल्क एसएमएस और डोंगल सेवाओं पर लगी रोक को 22 अगस्त तक बढ़ा दिया है। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलने और माहौल बिगड़ने की आशंका है, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि मनीषा की आत्मा को अब शांति मिलेगी, लेकिन उनकी असली शांति तभी होगी जब दोषियों को सख्त सजा मिले और बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल बने।